शनिवार, 28 नवंबर 2009

बीमा में कैरियर की जानकारी

मेट्रो के बाद ग्रामीण इलाकों की तरफ इंश्योरेंस के बढते कदम से इस क्षेत्र में करियर के नए रास्ते खुलने लगे हैं- ऐसा मानते हैं मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट राजन कालिया। वे तर्क देते हुए कहते हैं कि भारत की आधी से अधिक आबादी अभी भी 20-60 आयु वर्ग के दायरे में आते हैं। यही वजह है कि इंश्योरेंस सेक्टर की रफ्तार इस दौर में भी कायम है। अब स्थिति यह है कि इस प्रोफेशन से हाई प्रोफाइल लोग भी जुडने लगे हैं। हाई प्रोफाइल लोगों की सूची में लालू प्रसाद यादव की बेटी का नाम भी शामिल है, जो एलआईसी एजेंट हैं।
योग्यता
12वीं के बाद इंश्योरेंस के क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है। इसके बाद आप बीए (इंश्योरेंस) में एडमिशन ले सकते हैं या फिर एजेंट के रूप में करियर की शुरुआत कर सकते हैं। यदि आपने साइंस सब्जेक्ट से 12वीं पास किया है, तो बीएससी एक्चुरिअॅल साइंस में एंट्री ले सकते हैं।
कोर्सेज
इंश्योरेंस में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट से लेकर डिग्री और मास्टर डिग्री कोर्स तक उपलब्ध हैं। कोर्स की अवधि अलग-अलग है। कुछ कॉलेज बीए (इंश्योरेंस) कोर्स ऑफर कर रहे हैं, जिसकी अवधि तीन वर्ष है। वैसे, सर्टिफाइड रिस्क ऐंड इंश्योरेंस मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा भी कर सकते हैं। इस कोर्स की अवधि अमूमन तीन साल की होती है। यदि इंश्योरेंस ऐंड रिस्क मैनेजमेंट में डिप्लोमा करना चाहते हैं, तो इसकी अवधि एक वर्ष की है। वैसे, डिस्टेंस लर्निग के माध्यम से भी इंश्योरेंस से जुडे कोर्स कर सकते हैं। एजेंट बनने के लिए इंश्योरेंस एजेंट का कोर्स भी किया जा सकता है, इसकी अवधि 100-150 घंटे की होती है।
करियर प्लानिंग
यदि कम्युनिकेशन स्किल अच्छी है, तो इंश्योरेंस सेक्टर में खूब स्कोप हैं। यहां आप असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, इंश्योरेंस सर्वेयर, रिस्क मैनेजर, अंडररायटर, एक्चुरिज, इंश्योरेंस कंसल्टेंट, एजेंट आदि के रूप में करियर बना सकते हैं।
सेफ जोन
इंश्योरेंस सेक्टर को करियर के लिहाज से सेफ जोन माना जा सकता है, क्योंकि कुछ कंपनियां इन दिनों बडी संख्या में लोगों की बहाली कर रही हैं। लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल एस.बी.माथुर कहते हैं, नई-नई कंपनियों के इंश्योरेंस के क्षेत्र में कदम रखने की वजह से इस फील्ड में करियर की भरपूर संभावनाएं दिख रही हैं। खासकर इन दिनों एक्चुरिज और ट्रेजरी मैनेजमेंट के क्षेत्र से जुडे पेशेवर लोगों की मार्केट में अधिक डिमांड है, क्योंकि इनकी मांग दूसरे क्षेत्रों में भी खूब है। इसके अलावा, मार्केटिंग और सेल्स में भी लोगों की अधिक मांग है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एलआईसी अपनी कामकाजी क्षमता को बढाने के लिए मार्च, 2011 तक 11 लाख एजेंटों की भर्ती करेगा। रिलायंस लाइफ 90 हजार एजेंट और 2500 मैनेजरों को भर्ती करने की प्रक्रिया में है। आने वाले दिनों में बीमा कंपनियों में तीन लाख फाइनेंशियल प्लानिंग एडवाइजर और तीस हजार मैनेजर की भर्तियां भी हो सकती हैं।
सैलॅरी पैकेज
इंश्योरेंस सेक्टर में शुरुआती सैलॅरी आठ से 10 हजार रुपये हो सकती है। सेल्स मैनेजर के रूप में काम करने वालों की सैलॅरी 20-25 हजार रुपये के बीच होती है। इसके अलावा, कई तरह के अलाउंस भी मिलते हैं। अनुभव हासिल करने के बाद प्रति माह 30 से 35 हजार रुपये आसानी से कमा सकते हैं। वैसे, सक्रिय एजेंट महीने में 12-15 हजार रुपये आसानी से कमा लेते हैं।
इंस्टीटयूट वाच
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर (एमबीए इंश्योरेंस)
www.nlujodhpur.ac.in
एमिटी स्कूल ऑफ इंश्योरेंस ऐंड एक्चुरिअॅल साइंस, नई दिल्ली (पीजी डिप्लोमा इन इंश्योरेंस मैनेजमेंट आदि)
www.amity.edu
आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, हैदराबाद (एमबीए इंश्योरेंस)
www.icfai.org
द इंस्टीटयूट ऑफ इंश्योरेंस ऐंड रिस्क मैनेजमेंट (पीजी डिप्लोमा कोर्स इन इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस ऐंड रिस्क मैनेजमेंट)
www.iirmworld.in
भारतीय विद्या भवन केंद्र
(पीजी डिप्लोमा कोर्स इन इंश्योरेंस ऐंड रिस्क मैनेजमेंट, पार्ट-टाइम)
www.bhavanis. info/rp imc
इंस्टीटयूट ऑफ सर्टिफाइड रिस्क ऐंड इंश्योरेंस मैनेजर्स (रिस्क ऐंड इंश्योरेंस मैनेजमेंट प्रोग्राम)
www.icrimindia.org
यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली, नई दिल्ली
http://www.du.ac.in
सिंबायोसिस सेंटर ऑफ डिस्टेंस लर्निग, पुणे
www.scdl.net
कंपनियों ने मिलाया संस्थानों से हाथ
इंश्योरेंस के क्षेत्र में पेशेवर लोगों की कमी को देखते हुए कुछ कंपनियां शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौता कर रही हैं। निजी इंश्योरेंस कंपनी मैक्स न्यूयार्क लाइफ ने सिम्बायोसिस इंस्टीटयूट ऑफ डिस्टेंस लर्निग के साथ समझौता किया है। इसके अलावा, कंपनी ने पीजी डिप्लोमा कोर्स के लिए मुम्बई के स्कूल ऑफ कॉमर्स ऑफ एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटी और पंजाब कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के साथ गठजोड किया है। एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ ने भी कुछ इसी तरह के कोर्स के लिए मनीपाल अकादमी के साथ हाथ मिलाया है। पिछले साल आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने 10 महीने के एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए आईआईएम कोलकाता से समझौता किया है, जबकि मेटलाइफ ने भी कुशल पेशेवरों को तैयार करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय से हाथ मिलाया है। शैक्षणिक संस्थानों ने कंपनियों के साथ मिलकर पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के कोर्स शुरू किए हैं। इन कोर्सो की अवधि तीन महीने से लेकर एक साल तक की है।
क्या कहती है रिपोर्ट
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन की अध्यक्षता में बीमा क्षेत्र पर गठित समिति ने कहा है कि घरेलू बीमा कंपनी को पेशेवर लोगों की कमी का सामना करना पड रहा है। बीमा कंपनियों में सबसे ज्यादा कमी एक्चुरिअॅल और ट्रेजरी मैनेजमेंट पेशेवरों की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बीमा क्षेत्र में टैलेंटेड लोगों की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की जरूरत है।

पंकज उपाध्याय
भारतीय एकता संगठन

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